
गोंदिया : तहसील के ग्राम माकड़ी में ‘किसान परिषद’ के तत्वावधान में एक विशाल किसान सभा का आयोजन किया गया। इस सभा में किसानों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं पर सीधा संवाद करने के लिए विधायक विनोद अग्रवाल सहित राजस्व, विद्युत, वन और जलापूर्ति विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहे। किसानों ने बिजली संकट से लेकर फसलों के मुआवजे तक के मुद्दों पर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को जवाब तलब किया।
किसान परिषद के अध्यक्ष गोविंद तुरकर के नेतृत्व में किसानों ने प्रशासन के सामने समस्याओं की झड़ी लगा दी। विद्युत समस्या: सोलर ऊर्जा कनेक्शन और रबी-खरीफ फसलों के लिए पर्याप्त बिजली। सिंचाई: डांगोरली बैराज का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करना।राजस्व: 7/12 में सुधार, ‘हक छोड़’ (विरासत हिस्सा) का मुद्दा और पीएम किसान योजना। मुआवजा: वन्यजीवों द्वारा फसलों का नुकसान और धान बिक्री के भुगतान में देरी। चर्चा के मुख्य बिंदु रहे।

किसानों को संबोधित करते हुए विधायक विनोद अग्रवाल ने कहा कि गोंदिया में बोरवेल की बढ़ती संख्या के कारण बिजली की खपत कई गुना बढ़ गई है। उन्होंने स्पष्ट किया, “हमने कठिन परिस्थितियों के बावजूद किसी भी किसान का बिजली कनेक्शन कटने नहीं दिया। महाराष्ट्र में देश की कुल खपत का 30% हिस्सा लगता है। इस संकट का स्थायी समाधान ‘सोलर ऊर्जा’ है। सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने के लिए किसान जल्द से जल्द सोलर हेतु आवेदन करें।”
विधायक ने आगे बताया कि, क्षेत्र में बिजली के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कामठा, रावनवाड़ी, काटी और कुड़वा जैसे उपकेंद्रों की क्षमता दोगुनी की जा रही है। मुंडीपार और गोरेगांव में 132 केवी के नए विद्युत केंद्र के निर्माण से गोंदिया जल्द ही बिजली की किल्लत से मुक्त होने वाला राज्य का पहला क्षेत्र बनेगा।
क्षेत्र के सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ‘डांगोरली बैराज’ पर विधायक ने आश्वस्त किया कि इसकी प्रशासनिक और तकनीकी मान्यता मिल चुकी है। महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के बीच सकारात्मक बैठक हो चुकी है। पर्यावरण विभाग की अंतिम मंजूरी मिलते ही इसका निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर शुरू होगा।
विधायक अग्रवाल ने कहा कि “परिवर्तन” की शुरुआत हो चुकी है। अब पटवारी खुद किसानों के घर जाकर सरकारी योजनाओं के फॉर्म भर रहे हैं। वन्यजीवों के हमले में मुआवजे की राशि बढ़ाई गई है और धान खरीदी केंद्रों की लिमिट बढ़ाने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर तहसीलदार शमशेर पठान, विद्युत विभाग के गौरखेड़े, येडे, वन विभाग के आरएफओ दिलीप कौशिक, सरपंच रंजीत भालाधरे, उपसरपंच लुरेंद्र ठाकरे, पुलिस पाटिल देवेंद्र नागपुरे सहित सैकड़ों किसान उपस्थित थे। कार्यक्रम का सफल संचालन एडवोकेट ज्वालाप्रसाद नागपुरे ने किया।



