गोंदियाविदर्भ

सिटी सर्वे के धीमे काम पर विधायक विनोद अग्रवाल ने जताई नाराजगी, काम में तेजी लाने के दिए निर्देश

शहर भूमापन, बंद दुकानों और स्वच्छता के मुद्दों पर अधिकारियों को फटकार

गोंदिया : गोंदिया में चार साल पहले स्वीकृत नगर भूमापन (सिटी सर्वे) के काम की धीमी गति पर विधायक विनोद अग्रवाल ने गहरी नाराजगी जताई है. उन्होंने इस काम में तेजी लाने के कड़े निर्देश दिए. ४ जुलाई को गोंदिया के उपविभागीय अधिकारी कार्यालय में नगर भूमापन और शहर के विभिन्न मुद्दों को लेकर हुई बैठक में उन्होंने यह बात कही.

इस बैठक में एसडीओ चंद्रभान खंडाईत, उप अधीक्षक भूमि अभिलेख अजय शिरसागर, अपर तहसीलदार व मुख्याधिकारी श्रीकांत कांबले, तहसीलदार शमशेर पठान, सुनील केलनका, ऋषिकांत साहू, विवेक मिश्रा, जितेश टेंभरे, लीमेंद्र बिसेन, नुरुनाथ दिहारी, नगर रचना विभाग के श्री तुरकर, विश्वजीत मेश्राम सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे.

विधायक विनोद अग्रवाल ने बैठक में शहरीकरण को लेकर हो रहे नगर भूमापन (सिटी सर्वे) के काम की गहन समीक्षा की. उन्होंने सिटी सर्वे के लिए चल रहे पुनर्मोजनी, ड्रोन सर्वे, स्पॉट सर्वे के साथ ही शहरी सीमा से सटे 7 गांवों – फुलचुर, कटंगी, कुडवा, मुर्री, पिंडकेपार, गोंदिया खुर्द और गोंदिया बुजुर्ग – में हुए काम की जानकारी ली.

जब यह पता चला कि सिटी सर्वे और पुनर्मोजनी का काम धीमी गति से हो रहा है, तो विधायक विनोद अग्रवाल ने नाराजगी व्यक्त करते हुए इस काम में तेजी लाने का निर्देश दिया. उन्होंने सर्वे टीम बढ़ाने, मैप फाइनल करने के काम में गति लाने और हर हफ्ते 200 प्रॉपर्टी के लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश दिए. उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि वे हर हफ्ते इस काम की बैठक लेकर इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें.

बैठक में विधायक अग्रवाल ने नगर परिषद द्वारा बनाए गए परिसरों में महीनों से बंद पड़े कमरों/दुकानों की नीलामी न होने पर भी गहरी नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने कहा, “नगर पालिका का ध्यान आमदनी पर नहीं है, रखरखाव पर नहीं है. दुकानें खाली पड़ी हैं, लेकिन वे किस वजह से नहीं दी जा रही हैं, यह समझ से परे है.” उन्होंने कड़े निर्देश दिए कि इनकी नीलामी 8 दिन में कर जानकारी दी जाए.

विधायक विनोद अग्रवाल ने मार्केट एरिया और मटन मार्केट परिसर में फेंके जा रहे वेस्ट मटेरियल और कूड़ा-कचरा न उठाए जाने पर गंभीर संज्ञान लिया. उन्होंने कहा, “अगर दुकानदार खुद अव्यवस्थित रूप से कूड़ा-कचरा फेंकेंगे, तो इसका असर पूरे परिसर में दिखाई देगा. मटन और मछली मार्केट परिसर में मांसाहारी वेस्ट मटेरियल को यहां-वहां फेंकने से दुर्गंध फैल रही है, जिसका स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है.”

इस पर उपाय के तौर पर विधायक अग्रवाल ने मटन और मछली मार्केट में साफ-सफाई का ध्यान रखते हुए एक कचरा गाड़ी खड़ी रखने और दुकानदारों को वेस्ट मटेरियल उसी में फेंकने का आदेश देने का निर्देश दिया. इसके साथ ही बाजार परिसर में कचरा संकलन के लिए 10 नई घंटा गाड़ी खरीदने की प्रक्रिया शुरू करने के भी निर्देश दिए.

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