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नागपुर में ‘नराकास-३’ की प्रथम छमाही बैठक; राजभाषा गौरव के लिए ‘नारंगी आभा’ पत्रिका के प्रकाशन का संकल्प

वीएनआईटी के सीनेट हॉल में जुटे केंद्र सरकार के आला अधिकारी ; राजभाषा नीति के शत-प्रतिशत अनुपालन और हिंदी को वैश्विक पटल पर ले जाने का आह्वान

नागपुर : नवगठित नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), नागपुर (कार्यालय-३) की प्रथम छमाही बैठक सोमवार, २५ मई को ‘विश्वेश्वरैया राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान’ (वीएनआईटी) के सीनेट हॉल में अत्यंत गरिमापूर्ण माहौल में संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष तथा वीएनआईटी के निदेशक प्रो. प्रेमलाल पटेल ने की। इस अवसर पर गृह मंत्रालय (भारत सरकार) के प्रतिनिधि सहित नागपुर स्थित केंद्र सरकार के विभिन्न कार्यालयों के प्रमुख एवं राजभाषा अधिकारी भारी संख्या में उपस्थित थे। बैठक का शुभारंभ अतिथियों द्वारा पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन और मां सरस्वती की वंदना के साथ हुआ।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में वीएनआईटी के निदेशक प्रो. प्रेमलाल पटेल ने वैश्विक स्तर पर हिंदी के बढ़ते महत्व और इसकी अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता को रेखांकित किया। उन्होंने सभी सदस्य कार्यालयों के प्रमुखों से अपने दैनिक प्रशासनिक कार्यों में राजभाषा हिंदी का अधिकाधिक उपयोग करने का आग्रह किया।

नागपुर के ऐतिहासिक महत्व का स्मरण कराते हुए प्रो. पटेल ने कहा, “नागपुर को देश के प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन की मेजबानी करने का ऐतिहासिक गौरव प्राप्त है। इसी गौरवमयी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए नराकास-३ की ओर से ‘नारंगी आभा’ (राजभाषा का गौरव : नागपुर का संकल्प) नामक एक विशेष हिंदी पत्रिका का प्रकाशन किया जाना चाहिए।” उनके इस रचनात्मक सुझाव का उपस्थित सभी सदस्यों ने करतल ध्वनि से स्वागत किया।

बैठक में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित भारत सरकार के गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग, क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय (पश्चिम), मुंबई के सहायक निदेशक प्रमोद सांगोले ने नराकास-३ के अंतर्गत आने वाले सदस्य कार्यालयों की छमाही प्रगति रिपोर्ट की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने राजभाषा अधिनियम की धारा ३/३ के अनिवार्य अनुपालन, कार्यालयों के नियमित निरीक्षण और भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न प्रोत्साहन व पुरस्कार योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी, ताकि कार्यालयों में हिंदी के प्रति उत्साह बढ़े।

मंच पर उपस्थित विशिष्ट अतिथियों में शामिल दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (SZCC) की निदेशक आस्था कार्लेकर, रक्षा लेखा सेवा के अपर नियंत्रक ओंकार मोघे (IDAS), नराकास-३ के सदस्य सचिव प्रो. ज्ञानप्रकाश सिंह और वीएनआईटी के कुलसचिव सचिन जगदाले ने भी उपस्थित अधिकारियों से हिंदी को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने विश्वास दिलाया कि उनके संस्थान राजभाषा के प्रचार-प्रसार के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करेंगे।

कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत और प्रास्ताविक संबोधन वीएनआईटी के विशेष कार्य अधिकारी (हिंदी) सत्येंद्र प्रसाद सिंह ने किया। पूरे समारोह का कुशल मंच संचालन और मधुर सरस्वती वंदना डॉ. भारती पोलके (वीएनआईटी) द्वारा की गई। बैठक के अंत में प्रादेशिक मौसम केंद्र के राजभाषा अधिकारी राजेश कुमार शर्मा ने सभी आगंतुकों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

इस भव्य बैठक को सफल बनाने में वीएनआईटी हिंदी कार्यान्वयन समिति के सदस्यों और विभिन्न कार्यालयों के हिंदी अधिकारियों—डॉ. प्रकाश कुलकर्णी, रवीन्द्र गाडगे, हर्षद आम्बेकर, राहुल एडे, डॉ. आशीष प्रधाने, पांडुरंग सरवरे, राकेश विश्वकर्मा, पूनम उईके, कृतिका बाम्बल और समीक्षा अलट ने सक्रिय एवं सराहनीय योगदान दिया।

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