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मांग-गारुड़ी समाज को मिला अधिकार और पहचान का प्रमाण ; यह सिर्फ प्रमाणपत्र नहीं, एक उज्ज्वल भविष्य की गारंटी – विधायक विनोद अग्रवाल

विधायक विनोद अग्रवाल एवं जिलाधिकारी प्रजीत नायर के अथक प्रयासों से 227 परिवारों को मिला जाति प्रमाणपत्र, खुला विकास और सम्मान का रास्ता

गोंदिया : वर्षों से शासकीय योजनाओं और संवैधानिक अधिकारों से वंचित मांग-गारुड़ी समाज के लिए 20 अप्रैल का दिन एक नया सूरज लेकर आया। एक ऐसा दिन जब वर्षों की उपेक्षा, पहचानहीनता और पीड़ा को पहचान और अधिकार का नाम मिला। विधायक विनोद अग्रवाल और जिलाधिकारी प्रजीत नायर की संयुक्त पहल पर पंचायत समिति के एक विशेष कार्यक्रम में 227 लाभार्थियों को जाति प्रमाणपत्र वितरित किए गए।

इस कार्यक्रम ने न केवल दस्तावेजों का वितरण किया गया, बल्कि एक समाज को मुख्यधारा से जोड़ने की शुरुआत की। ये वे लोग थे जो आजादी के 78 सालों बाद भी बुनियादी सुविधाओं जैसे राशन कार्ड, आधार कार्ड, जाति प्रमाणपत्र, आवास, बिजली और पानी से वंचित थे। इनके पास न जन्म का प्रमाण था, न शैक्षणिक कागजात। नतीजतन, ये हर सरकारी योजना और आरक्षण से पूरी तरह बाहर थे।

यह बदलाव अचानक नहीं आया। विधायक विनोद अग्रवाल ने कुड़वा ग्राम पंचायत अंतर्गत मांग-गारुड़ी बस्ती का दौरा कर, समाज की वास्तविक और जमीनी स्थिति को नज़दीक से जाना। वहां उन्होंने खुद लोगों से संवाद किया और पाया कि समाज अब भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्षरत है।

28 फरवरी को पालावर्ची शाला (कुड़वा) में विशेष बैठक आयोजित कर, उन्होंने राजस्व विभाग और जिलाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों के साथ तत्काल कार्य योजना बनाई। रिकॉर्डों की समीक्षा कर प्रमाणपत्रों की प्रक्रिया तेज़ करने के निर्देश दिए।

जाति प्रमाणपत्र प्राप्त होने से अब मांग-गारुड़ी समाज के बच्चे शैक्षणिक आरक्षण, छात्रवृत्ति, आवास योजना, रोजगार योजना और अन्य सभी सरकारी लाभों में भागीदारी कर सकेंगे। इस दस्तावेज़ ने उन्हें पहचान के साथ सम्मान और अवसर भी दिया है।

विधायक विनोद अग्रवाल ने बस्ती के लिए बिजली, पानी की टंकी, बोरवेल, मोदी आवास योजना जैसे अन्य विकास कार्यों का भी आश्वासन दिया। पालावर्ची शाला में पढ़ रहे बच्चों को देखकर उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत बोरसे के कार्य की सराहना की और हरसंभव मदद का वादा किया।

इस महत्वपूर्ण अवसर पर जिलाधिकारी प्रजीत नायर, पंचायत समिति के सभापति मुनेश रहांगडाले, एसडीओ खंडाईत, तहसीलदार शमशेर पठान, अपर तहसीलदार कांबले, माजी सभापति पूजा अखिलेश सेठ, ग्राम पंचायत कुड़वाके उपसरपंच कमल फरदे, जिला परिषद सदस्या अनंदा वाढीवा, तलाठी भोयर, समाजसेवी प्रशांत बोरसे, मंडल अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

एक नई शुरुआत का नाम है “पहचान”

आज का दिन मांग-गारुड़ी समाज के लिए सिर्फ एक प्रमाणपत्र का दिन नहीं, बल्कि सामाजिक पुनर्जन्म है। यह विधायक विनोद अग्रवाल के जनसंवेदनशील नेतृत्व और प्रशासनिक तंत्र की जागरूकता का परिणाम है, जिसने वर्षों की उपेक्षा को न्याय में बदला।

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