
गडचिरोली : गडचिरोली को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कौशल विकास केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी लिमिटेड (LMEL) ने आज लॉयड्स मिशन फॉर ग्लोबल स्किल्स एंड एंटरप्रेन्योरशिप (LMGSE) की शुरुआत की।
यह पहल लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक बी. प्रभाकरण के हाथों, अल्का मिश्रा (चेयरपर्सन – स्किल डेवेलपमेंट), व्यंकटेश संधिल (एमडी – LICL) और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में शुरू की गई। यह मिशन महाराष्ट्र के माननीय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दूरदर्शी नेतृत्व में तैयार किया गया है और क्षेत्र में युवाओं के सशक्तिकरण के सबसे महत्वाकांक्षी कार्यक्रमों में से एक माना जा रहा है।
नए प्रशिक्षणार्थियों और अतिथियों को संबोधित करते हुए श्री प्रभाकरण ने कहा कि उनका सपना गढ़चिरोली को देश का सबसे बड़ा स्टील शहर बनाना है, जमशेदपुर से भी बड़ा। उन्होंने बताया कि, भारत के प्रधानमंत्री और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री दोनों ही गढ़चिरोली के विकास के लिए गंभीर और प्रतिबद्ध हैं, और लॉयड्स कंपनी इस क्षेत्र को विकसित करने के लिए पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने कहा कि LMGSE के माध्यम से वेल्डिंग, प्लंबिंग, परिवहन और अन्य तकनीकी प्रशिक्षण दिए जाएंगे, जिससे यहां के युवाओं को रोजगार योग्य बनाने में बड़ी मदद मिलेगी।
यह मिशन कौशल की गंभीर कमी को दूर करने, युवा प्रशिक्षण को वास्तविक उद्योग आवश्यकताओं से जोड़ने और वंचित समुदायों के लिए स्थायी आजीविका अवसर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। स्थानीय विकास को वैश्विक रोजगार तैयारियों से जोड़ते हुए, LMGSE का उद्देश्य गढ़चिरोली के युवाओं को उभरते नए और हरित उद्योगों में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय अवसरों से जोड़ना है।
300 छात्रों के पहले बैच ने गढ़चिरोली में नई कौशल क्रांति की शुरुआत की
यह कार्यक्रम 90 दिनों का है, जिसमें 45 दिन का प्रशिक्षण और 45 दिन की ऑन-जॉब ट्रेनिंग शामिल है। पहले बैच में 300 छात्रों को बार-बेंडिंग और शटरिंग जैसे उच्च मांग वाले ट्रेड्स में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह तुकड़ी पूरे जिले में एक संगठित एवं बड़े पैमाने की कौशल विकास मुहिम की शुरुआत का प्रतीक है। LMGSE ने पहले वर्ष में 10,000 युवाओं को प्रशिक्षित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इस प्रयास से गढ़चिरोली में दीर्घकालिक आर्थिक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त होगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय उद्योगों में भागीदारी मजबूत होगी। इस मिशन की विशेषता इसका कौशल विकास + टिकाऊ आजीविका पर समान ध्यान है—विशेष रूप से महिलाओं और हाशिये पर मौजूद समुदायों के युवाओं को आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल क्षेत्रों में स्थिर करियर के लिए सक्षम बनाना।
व्यावसायिक और तकनीकी ट्रेड्स : LMGSE के तहत विभिन्न तकनीकी और व्यावसायिक क्षेत्रों में उद्योग-उन्मुख, संरचित प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें शामिल हैं— निर्माण एवं इंफ्रास्ट्रक्चर (मेसनरी, बार-बेंडिंग, शटरिंग), मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल ट्रेड्स, अक्षय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल सेवाएँ, लॉजिस्टिक्स सपोर्ट, फ्रंटलाइन सेवा क्षेत्र. प्रत्येक कार्यक्रम में व्यावहारिक प्रशिक्षण, उद्योग-मान्य प्रमाणपत्र और मजबूत रोजगार-संबंधी सहायता शामिल होगी। प्रशिक्षार्थी नौकरी-तैयार कौशलों के साथ बाहर निकलेंगे और उद्यमिता की दिशा में भी आगे बढ़ सकेंगे।
लॉजिस्टिक्स और ड्राइविंग के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस : LMGSE का प्रमुख घटक, लॉजिस्टिक्स एंड ड्राइविंग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, भारत के तेजी से बढ़ते लॉजिस्टिक्स उद्योग के लिए उन्नत एवं विशेष प्रशिक्षण प्रदान करेगा। मुख्य प्रशिक्षण क्षेत्रों में शामिल हैं— हेवी मोटर व्हीकल (HMV) ड्राइविंग, 40 फीट ट्रेलर ड्राइविंग, महिलाओं के लिए विशेष तीन-चाकी वाहन प्रशिक्षण कार्यक्रम. यह केंद्र 4,000 से अधिक पेशेवर ड्राइवर तैयार करने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है, ताकि राष्ट्रीय और वैश्विक लॉजिस्टिक्स क्षेत्र की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके। सिम्युलेशन-आधारित प्रशिक्षण, प्रमाणित मार्गदर्शन और उद्योग-आधारित प्लेसमेंट के माध्यम से, यह केंद्र तेजी से बढ़ते परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में समावेशी और टिकाऊ रोजगार अवसर प्रदान करेगा।
लॉयड्स मिशन फॉर ग्लोबल स्किल्स एंड एंटरप्रेन्योरशिप (LMGSE), LMEL की प्रमुख कौशल विकास और उद्यमिता पहल है। इसका उद्देश्य कार्यबल की क्षमता बढ़ाना, स्थायी आजीविका को प्रोत्साहित करना और गढ़चिरोली को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कौशल उत्कृष्टता का प्रमुख केंद्र बनाना है। यह पहल क्षेत्रीय विकास, सामाजिक प्रगति और समावेशी वृद्धि के प्रति LMEL की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती है।



