
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और विधायक विनोद अग्रवाल की सक्रियता से सुशासन का नया अध्याय ; 53 हजार किसानों को मिली 34 करोड़ की राहत
गोंदिया : महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में ‘छत्रपति शिवाजी महाराज राजस्व अभियान’ के तहत आयोजित ‘समाधान शिविर’ ने सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। टी.बी. टोली ग्राउंड, कुडवा में आयोजित इस महा-शिविर में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समन्वय से हजारों परिवारों के जीवन में खुशहाली आई है। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के जनहितकारी निर्णयों और स्थानीय विधायक विनोद अग्रवाल के अथक परिश्रम के परिणामस्वरूप, वर्षों से लंबित प्रशासनिक कार्य चुटकियों में हल हो गए।
अभियान के दौरान “सबके लिए घर” योजना के तहत 4,190 भू-खंडों (पट्टों) का वितरण किया गया। घरकुल योजना के लाभार्थियों को बड़ी राहत देते हुए 200 लोगों को 1,000 ब्रास मुफ्त रेत उपलब्ध कराई गई। अब तक कुल 24,100 ब्रास रेत का लाभ जरूरतमंदों तक पहुँचाया जा चुका है, जो घर निर्माण में आने वाली बाधाओं को दूर करने में मील का पत्थर साबित हुआ है।
राजस्व विभाग ने इस अभियान के माध्यम से जनता के द्वार तक पहुँचकर निम्नलिखित कार्य संपन्न किए: प्रमाणपत्र वितरण: 24 शिविरों के माध्यम से 978 सामान्य प्रमाणपत्र और सोनझारी समाज के 66 लोगों को जाति प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। 7/12 अभिलेख सुधार: लोक अदालत और धारा 155 के तहत सैकड़ों त्रुटिपूर्ण दस्तावेजों को सुधारा गया। 940 लाभार्थियों को ‘वारस फेरफार’ का लाभ मिला। किसान सहायता: जिले के 53,390 प्रभावित किसानों के बैंक खातों में ₹34,42,98,718 की भारी-भरकम सहायता राशि वितरित की गई।
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने मंच से विधायक विनोद अग्रवाल की कार्यशैली की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “विनोद अग्रवाल सदैव जनता के हितों के लिए मंत्रालय में मंत्रियों के साथ बैठकें कर योजनाओं को अपने क्षेत्र में खींच लाते हैं। गोंदिया का यह मॉडल अब पूरे महाराष्ट्र में लागू किया जाएगा।” मंत्री महोदय ने इस दौरान विधायक अग्रवाल का विशेष सत्कार भी किया। विधायक अग्रवाल ने इस सफलता का श्रेय गोंदिया की जनता को देते हुए मंच से कई नई माँगें रखीं, जिन्हें मंत्री बावनकुले ने तत्काल स्वीकृति प्रदान की।
राजस्व मंत्री ने गोंदिया के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं: अगले तीन महीनों में गोंदिया में नया भूमि अभिलेख कार्यालय शुरू किया जाएगा। 500 वर्गफुट के पट्टों की सीमा बढ़ाकर 1,500 वर्गफुट की जाएगी। प्रॉपर्टी कार्ड अब मोबाइल पर ही उपलब्ध होंगे। धान उत्पादक किसानों को प्रोत्साहन राशि देने की प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा।
समाधान शिविर में 48 सरकारी विभागों के स्टॉल्स लगाए गए थे, जहाँ राशन कार्ड, सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ (संजय गांधी व श्रावण बाल योजना) और कृषि योजनाओं की जानकारी व लाभ मौके पर ही दिए गए। इस अवसर पर सांसद प्रफुल पटेल, जिलाधिकारी और प्रशासनिक अमले की सक्रियता ने इस अभियान को ‘लोक उत्सव’ में बदल दिया।
गोंदिया से शुरू हुई सुशासन की यह लहर अब पूरे महाराष्ट्र के लिए एक प्रेरणा बन गई है, जिससे यह सिद्ध हो गया है कि यदि इच्छाशक्ति हो तो प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है।



