
निजी स्कूलों द्वारा ड्रेस और शैक्षणिक सामग्री की जबरन खरीदी पर रोक लगाने की भी उठाई गई आवाज
गोंदिया : विदर्भ सहित गोंदिया जिला इन दिनों भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। अप्रैल माह में ही तापमान में भारी वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे डिहाइड्रेशन और उष्माघात (हीट स्ट्रोक) का खतरा बढ़ गया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने छात्रों के स्वास्थ्य की सुरक्षा हेतु जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों को तत्काल बंद करने की मांग की है।
गोंदिया के विधायक विनोद अग्रवाल के मार्गदर्शन में भाजयुमो के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी डॉ. मंगेश गोंदावले से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने निवेदन के माध्यम से मांग की है कि जिले की सभी सरकारी और निजी स्कूलों एवं कॉलेजों को आगामी 30 अप्रैल से तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए। वर्तमान में कई निजी स्कूलों में कक्षाएं जारी हैं, जिससे चिलचिलाती धूप में बच्चों के उष्माघात की चपेट में आने की प्रबल संभावना बनी हुई है।
ज्ञापन सौंपते समय युवामोर्चा जिलाध्यक्ष रोहित अग्रवाल ने निजी स्कूलों के बढ़ते ‘ट्रेंड’ और व्यावसायिक एकाधिकार का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने जिलाधिकारी को बताया कि: निजी स्कूल संचालकों द्वारा पालकों और छात्रों पर किसी विशेष दुकान से ही स्कूल ड्रेस और शैक्षणिक सामग्री खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है। यह कृत्य शासन के नियमों के पूर्णतः विरुद्ध है। जिला प्रशासन को इस सख्ती पर तत्काल रोक लगानी चाहिए ताकि अभिभावकों को आर्थिक शोषण से राहत मिल सके।
इस अवसर पर भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष रोहित अग्रवाल के साथ जिला परिषद सभापति लक्ष्मण भगत, पंचायत समिति सभापति मुनेश रहांगडाले, पार्षद अभय अग्रवाल और भाजयुमो महामंत्री विक्की बघेले प्रमुख रूप से उपस्थित थे। साथ ही अभय मानकर, संदीप श्रीवास, बिट्टू जायसवाल, हर्ष उजवने, ऋषभ मसानी और अविनाश जयसिंघानिया सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।



