
विधायक विनोद अग्रवाल की पहल सफल ; राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कैबिनेट की मंजूरी के लिए जिलाधिकारी को प्रस्ताव भेजने के दिए निर्देश
गोंदिया : गोंदिया शहर के हजारों दुकानदारों और मकान मालिकों के लिए एक ऐतिहासिक खबर सामने आई है। ब्रिटिश काल से चले आ रहे नजूल पट्टों की समस्या का अब स्थायी समाधान होने जा रहा है। विधायक विनोद अग्रवाल के निरंतर प्रयासों और सफल पैरवी के बाद, अब शहर के पट्टा धारकों को उनके भूखंडों का मालिकाना हक (Freehold) पूरी तरह से मुफ्त मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
विधायक विनोद अग्रवाल ने इस गंभीर समस्या को लेकर राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले से मुलाकात की थी। विधायक अग्रवाल की मांगों को गंभीरता से लेते हुए, राजस्व मंत्री ने इस मुद्दे को कैबिनेट में मंजूरी दिलाने के लिए अपनी सहमति प्रदान की है। साथ ही, उन्होंने गोंदिया जिलाधिकारी को इस संदर्भ में तुरंत औपचारिक प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजने के निर्देश दिए हैं।
यह निर्णय गोंदिया शहर के शीट क्रमांक 1 से लेकर 32 तक के पट्टा धारकों के लिए लागू होगा: आवासीय पट्टा धारक: करीब 1,413 स्थायी पट्टा धारक। वाणिज्यिक (Commercial) पट्टा धारक: करीब 1,029 स्थायी पट्टा धारक। इन सभी धारकों को मालिकाना हक देने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा।
विधायक विनोद अग्रवाल ने राजस्व मंत्री के समक्ष प्रमुखता से अनर्जित रकम की माफी: पट्टा नवीनीकरण के समय शर्त भंग होने पर वसूली जाने वाली भारी-भरकम ‘अनर्जित रकम’ को माफ किया जाएगा। भू-लगान से मुक्ति: जो पट्टा धारक ‘फ्री होल्ड’ प्रक्रिया अपनाएंगे, उनसे हर साल वसूला जाने वाला भू-लगान (Bhu-Lagan/Bhui Bhada) ‘महाराष्ट्र महसूल अधिनियम 1966’ की धारा 117 के तहत माफ करने का आदेश जारी किया जाएगा। सरल फ्रीहोल्ड प्रक्रिया: नजूल पट्टों को फ्रीहोल्ड करने की जटिल प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा ताकि आम नागरिकों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। ये मांगे रखी थीं, जिन पर सकारात्मक निर्णय लिया गया है.
नजूल पट्टों के साथ-साथ विधायक विनोद अग्रवाल ने एक और महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गोंदिया शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षों से रह रहे अतिक्रमण धारकों (वन भूमि को छोड़कर) को भी मालिकाना हक देने की प्रक्रिया जारी है। इसका सर्वेक्षण कार्य अंतिम चरण में है और जल्द ही उन्हें भी भूमि आवंटन कर स्वामित्व अधिकार प्रदान किया जाएगा। विधायक विनोद अग्रवाल की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से शहरवासियों में हर्ष की लहर है। वर्षों पुरानी इस समस्या के हल होने से अब लोग अपने स्वयं के घर और दुकान के वास्तविक मालिक बन सकेंगे।



