
सूचना आयुक्त गजानन निमदेव के मुख्य आतिथ्य में समारोह संपन्न ; शरद चौधरी को ‘जीवन गौरव‘ और अखिलेश हलवे को ‘बेस्ट पीआरओ‘ सम्मान
नागपुर : पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया (PRSI) द्वारा मंगलवार, 21 अप्रैल को देशभर में ‘राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस’ उत्साहपूर्वक मनाया गया। इसी कड़ी में नागपुर चैप्टर की ओर से सिविल लाइन्स स्थित रवि भवन में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस वर्ष के समारोह का मुख्य विषय (थीम) “जनसंपर्क: लोकतंत्र का पांचवां स्तंभ” रखा गया था।
समारोह का शुभारंभ ‘जनसंपर्क गीत’ के साथ हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाराष्ट्र सरकार के सूचना आयुक्त (नागपुर विभाग) गजानन निमदेव थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में नागपुर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) विनायक महामुनि (IAS) और नागपुर महानगरपालिका की स्थायी समिति अध्यक्ष शिवानी दाणी वखरे उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता PRSI के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष (पश्चिम) एस. पी. सिंह ने की।
कार्यक्रम के दौरान जनसंपर्क के क्षेत्र में बहुमूल्य योगदान देने वाली हस्तियों को सम्मानित किया गया: जीवन गौरव सम्मान: सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (महाराष्ट्र शासन) के भूतपूर्व निदेशक शरद चौधरी को ‘जीवन गौरव सम्मान’ से नवाजा गया। वरिष्ठ पत्रकार डॉ. विनीता प्रदीप ने उन्हें हस्तनिर्मित दीवार घड़ी भेंट कर सम्मानित किया। वर्ष का सर्वोत्कृष्ट जनसंपर्क अधिकारी: महाराष्ट्र मेट्रो (नागपुर) के वरिष्ठ उप महाप्रबंधक अखिलेश हलवे को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए “वर्ष का सर्वोत्कृष्ट जनसंपर्क अधिकारी” पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर अतिथियों द्वारा मासिक पत्रिका ‘पावर ऑफ वन’ के संपादक नीरज ओमप्रकाश श्रीवास्तव की नई पुस्तक “भारतीय ज्ञान परंपरा: पत्रकारिता और जनसंपर्क” का विमोचन किया गया। साथ ही, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा द्वारा भेजे गए विशेष संदेश का वाचन कार्यकारिणी सदस्य श्री अमित बाजपेई ने किया। जिला सूचना अधिकारी विनोद रापतवार ने भी विषय पर अपने विचार साझा किए।
नागपुर चैप्टर के अध्यक्ष यशवंत मोहिते ने स्वागत भाषण दिया, जबकि सचिव मनीष सोनी ने पूरे कार्यक्रम का कुशल संचालन किया। वरिष्ठ सदस्य मधुसुदन देशमुख ने आभार व्यक्त किया। अतिथियों का स्वागत संयुक्त सचिव प्रसन श्रीवास्तव, अनिल गडेकर और कोषाध्यक्ष श्री शरद मराठे ने किया। समारोह में शहर के प्रतिष्ठित जनसंपर्क कर्मी, वरिष्ठ पत्रकार, साहित्यकार, शिक्षाविद और सांस्कृतिक क्षेत्र की कई गणमान्य हस्तियां बड़ी संख्या में मौजूद थीं।



